20 पुलिस अधिकारियों के सस्पेंशन पर बोले सीएम धामी, भर्तियों में बर्दास्त नहीं होगी धांधली

20 पुलिस अधिकारियों के सस्पेंशन पर बोले सीएम धामी, भर्तियों में बर्दास्त नहीं होगी धांधली

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सात साल पहले उपनिरीक्षक भर्ती में धांधली पर अपना रूख साफ किया है। सीएम धामी ने कहा कि गड़बड़ी करने वालों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। भर्तियों में अनियमितताओ को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जल्द ही देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया जायेगा। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2015-16 उपनिरीक्षक सीधी भर्ती में अनियमितता की शिकायत मिलने पर विजिलेंस को इसकी जांच सौंपी गई थी। अभी तक की जांच के आधार पर संदिग्ध पाए गए 20 उपनिरीक्षकों को जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया है। हमारी सरकार सुशासन के लिए संकल्पबद्ध है।

उत्तराखंड में 2015 हुई पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा के मामले में 20 संदिग्ध दारोगों को सस्पेंड किया गया है। संदिग्ध दरोगों पर कड़ा एक्शन लेते हुए जांच पूरी होने ते सस्पेंड रहने के आदेश जारी किये गये हैं।

20 दरोगा जिन्हें सस्पेंड किया गया है-
दीपक कौशिक, अर्जुन सिंह, बीना पपोला, जगत सिंह ,लोकेश, हरीश माहर ,संतोषी, उधम सिंह नगर में थे तैनात
नीरज चौहान आरती पोखरियाल प्रेमा कोरगा भावना बिष्ट नैनीताल में थे तैनात
ओमवीर प्रवेश रावत राज नारायण व्यास जैनेंद्र राणा, निखिल बिष्ट देहरादून में थे तैनात
पुष्पेंद्र पौड़ी गगन मैठानी, चमोली ,तेज कुमार चंपावत , मोहित सिंह रौथान एसडीआरएफ


मामले में विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में 20 इंस्पेक्टर के धोखाधड़ी और नकल नेटवर्क के साथ मिलकर यह परीक्षा उत्तीर्ण करने की बात सामने आयी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद इन इंस्पेक्टरों के संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को इन सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश भेजे गये हैं।
मामले की जांच विजलेंस कर रही है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी मुरुगेशन ने बताया कि साल 2015 में पंत नगर यूनिवर्सिटी ने दारोगा भर्ती परीक्षा करवाई थी। 2015 के सब इंस्पेक्टर भर्ती मामले में शिकायत मिलने के बाद विजलेंस को जांच सौंपी गयी थी।

गौरतलब है कि दारोगा भर्ती घोटाला साल 2015-16 के समय का है। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। विजिलेंस की कुमाऊं यूनिट ने 12 आरोपियों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया है। जबकि विजिलेंस की रडार पर 40 से 75 पुलिस कर्मी हैं जो परीक्षा में धांधली कर 2015-16 में दारोगा बने थे।
फिलहार 20 संदिग्ध दारोगा को आज सस्पेंड कर दिया गया है। विजिलेंस की कुमाऊं और गढ़वाल यूनिट इस केस की कई एंगलों से जांच कर रही है। टीम को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।

दारोगा भर्ती मामले में नियुक्ति पाने वाले कई दारोगा के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। ऐसे में विजिलेंस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में तैनात आरोपित दारोगाओं के बारे में कई तरह की जानकारी भी विजिलेंस जुटा रही है।

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